Thursday, November 29, 2018

هيئة تنظيم الاتصالات تفوز بجائزة التميز في الموارد البشرية في منطقة الشرق الأوسط عن فئة «أفضل

     فازت هيئة تنظيم الاتصالات بمملكة البحرين بجائزة التميز في الموارد البشرية بمنطقة الشرق الأوسط عن فئة «أفضل جهة عمل» لهذا العام، وذلك خلال حفل توزيع جوائز جهات العمل المستقبلية الذي عقد في مدينة دبي بدولة الإمارات العربية المتحدة يوم الثلاثاء، الموافق 13 نوفمبر 2018. 
    وجاءت هذه الجائزة تقديرًا لإنجازات الهيئة البارزة وجهودها الحثيثة التي أسهمت في نمو وتطوير قطاع الموارد البشرية في منطقة الشرق الأوسط، ونالت الهيئة هذه الجائزة من بين عدد من الشخصيات والجهات المختصة من الأفراد أو الأقسام أو فرق العمل أو الجهات التي تكرس جهودها تحقيقًا لهذا الغرض.
وعند تسلم الجائزة، قال مدير إدارة الشؤون المالية والموارد البشرية وتقنية المعلومات بالهيئة الشيخ محمد بن سلمان آل خليفة «تفخر الهيئة بالسعي الدائم نحو الالتزام بالتطوير الوظيفي والتدريب المهني، ويسعدنا أن نفوز بهذه الجائزة، حيث يعد ذلك ترجمة لرسالة الهيئة في التزامها بدعم الموظفين على اختلاف مستوياتهم من خلال الاحتفاظ بالكفاءات البشرية، وتطوير القدرات المهنية واستمرارها في التميز لتكون وجهة العمل المفضلة التي تمكن موظفيها من القيادة».
وأضاف الشيخ محمد «أود أن أتقدم بجزيل الشكر والتقدير لفريق العمل بالموارد البشرية في الهيئة الذي عمل بكل جد ومثابرة لتحقيق هذه المبادرة، حيث إن الهيئة تدعم مبادئ التطوير الوظيفي والمشاركة والتنوع وترسخ مجالات التدريب الهادفة، التي تركز على استمرار تنمية كفاءاتها البشرية ما يعزز من قيم الهيئة نحو تطوير قادة الغد، وتحرص الهيئة على تأهيل كفاءاتها البشرية وتزويدها
 تقديرًا لجهوده الإنسانية في خدمة الأيتام والأرامل وتقديم العمل الخيري داخل وخارج مملكة البحرين كرم «المؤتمر العربي الإفريقي والتعاون الدولي للاستثمار وبناء الإنسان» بجمهورية مصر العربية الدكتور مصطفى السيد الأمين العام للمؤسسة الخيرية الملكية بحضور عدد من الوزراء والمسؤولين ورجال الأعمال والعاملين في المجال الخيري والإنساني من مختلف الدول العربية والإفريقية.
وبهذه المناسبة قال الدكتور مصطفى السيد: أتقدم بخالص الشكر والتقدير والعرفان إلى حضرة صاحب الجلالة الملك حمد بن عيسى آل خليفة عاهل البلاد المفدى الذي شرفني وأحاطني برعايته وكرمه من خلال تكليفي تشريفي بالعمل لخدمة الأيتام والأرامل والمحتاجين داخل وخارج البحرين في المؤسسة الخيرية الملكية والتي خطت المؤسسة من خلال دعم جلالة الملك وقيادة سمو الشيخ ناصر بن حمد آل خليفة خطوات كبيرة في العمل الخيري المنظم ووصلت إلى العالمية في خدمة الأيتام والأرامل والمحتاجين داخل وخارج البحرين، كما أتقدم بخالص الشكر والتقدير والامتنان إلى حكومتنا الرشيدة بقيادة صاحب السمو الملكي الأمير خليفة بن سلمان آل خليفة رئيس الوزراء وبمؤازرة صاحب السمو الملكي الأمير سلمان بن حمد آل خليفة ولي العهد الأمين وإلى سمو الشيخ ناصر بن حمد آل خليفة رئيس مجلس أمناء المؤسسة الخيرية الملكية جميعًا وأبقاهم ذخرًا لبلادنا الحبيبة على مواقفهم المشرفة ودعمهم الكبير لشخصي وللعمل الخيري في مملكتنا الغالية ومساهماتهم.
من جانبها أشادت الدكتورة هدى يسى عضو المجلس المصري للشؤون الخارجية رئيسة المؤتمر بجهود الدكتور مصطفى السيد في العمل الخيري والإنساني من حيث نوعية وكمية الإنجازات والفئات المستفيدة مستعرضة أهم عطاءات الدكتور مصطفى السيد ومسيرته التي أهلته بكل جدارة واستحقاق لنيل هذا التكريم وما قدمه من نجاحات وإنجازات متعددة ومتنوعة، في جميع محطات حياته شملت إلى جانب إنجازاته في المجال الصناعي والإنساني قيامه بتأليف العديد من كتب أدبية للطفل ومؤلفات إدارية واجتماعية ووضعه العديد من النظريات العلمية المعتمدة وما حباه الله من مواهب وإمكانيات سخرها لخدمة مملكة البحرين بشكل خاص والإنسانية بشكل عام.
كما قدم الدكتور مصطفى السيد خلال المؤتمر ورقة عمل حول الأسلوب العلمي لتنمية المجتمع وتمكين الشباب نقل خلالها تجربة المؤسسة الخيرية الملكية في إدارة العمل الخيري والإنساني حيث عرض نظرية «هرم الدكتور مصطفى السيد للاستثمار وتمكين الشباب» والتي جاءت نتاج خبرة وعمل استمر لسنوات طويلة وبأسلوب علمي دقيق ويمكن تطبيقها في جميع المجالات الاقتصادية والتجارية والإنسانية حيث تعتمد على توفير الاحتياجات الأساسية للإنسان حتى الوصول به إلى التمكين والاستثمار ليكون هو بعد ذلك الممول للهرم فيتحول من متلق للمساعدة إلى إنسان منتج يساهم في خدمة مجتمعه وبناء وطنه.
بالأدوات والمعرفة اللازمة للتميز والابتكار».

Sunday, November 11, 2018

छठ: आज है खरना, 36 घंटे का निर्जला व्रत रखेंगी महिलाएं

लोक आस्था का महापर्व छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान के दूसरे दिन 'खरना' की विधि की जाती है. खरना का मतलब है पूरे दिन का उपवास. पहले दिन नहाय-खाय के बाद व्रती सोमवार को खरना करेंगे. खरना को 'लोहड़ा' भी कहा जाता है.
नहाय खाय के दूसरे दिन खरना होता है, जो कार्तिक शुक्ल की पंचमी तिथि होती है. व्रती व्‍यक्ति इस दिन जल की एक बूंद तक ग्रहण नहीं करता. शाम होने पर गन्ने का जूस या गुड़ के चावल या गुड़ की खीर का प्रसाद बना कर बांटा जाता है. प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है. 
इस दिन भोजन में गुड़ की खीर खाने की परंपरा है. खीर पकाने के लिए साठी के चावल का प्रयोग किया जाता है. भोजन काफी शुद्ध तरीके से बनाया जाता है. खरना के दिन जो प्रसाद बनता है, उसे नए चूल्हे पर बनाया जाता है. और ये चूल्‍हा मिट्टी का बना होता है. चूल्‍हे पर आम की लकड़ी का प्रयोग करना शुभ माना जाता है. खरना इसलिए भी खास है क्‍योंकि इस दिन जब व्रती प्रसाद खा लेती हैं तो फिर वे छठ पूजने के बाद ही कुछ खाती हैं. छठ करने के लिए 36 घंटे तक उपवास रखना होता है. इस दौरान पानी तक नहीं पिया जाता है.खरना के बाद आसपास के लोग भी व्रतियों के घर पहुंचते हैं और मांगकर प्रसाद ग्रहण करते हैं. गौरतलब है कि इस प्रसाद के लिए लोगों को बुलाया नहीं जाता, बल्कि लोग खुद व्रती के घर पहुंचते हैं.
कई लोग जहां गंगा के तट पर या जलाशयों के किनारे खरना करते हैं, वहीं कई अपने घर में ही विधि-विधान से खरना करते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में होंगे. यहां वह प्रयागराज-हल्दिया वॉटर हाईवे के मल्टी मॉडल टर्मिनल का शुभारंभ करेंगे. ऐसा कहा जा रहा है कि टर्मिनल के शुरू होने से गंगा के रास्ते कारोबार का नया युग शुरू होगा.आपका बता दें कि प्रयागराज-हल्दिया जलमार्ग की कुल दूरी 1620 किमी है. यह देश का सबसे लंबा जलमार्ग होगा. बताया जाता है कि आजादी के पहले इस रूट पर कारोबार होता था. 1986 में इसे सरकार ने दोबारा शुरू करने की योजना बनाई थी, जो पूरी नहीं हो सकी. इसके बाद मोदी सरकार इसे साकार कर रही है. इस योजना की सबसे ख़ास बात यह है कि यह देश के चार राज्यों को जोड़ेगा. इनमें पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश हैं. इन चार राज्यों में 20 टर्मिनल हैं, जिनमें से 18 फ्लोटिंग हैं. इस जलमार्ग की क्षमता 12 लाख टन है.
गौरतलब है कि सरकार ने वॉटर-वे एक्ट 2016 के तहत देश में 111 जलमार्गों को नेशनल वॉटर वे घोषित किया गया है. इनकी कुल दूरी 14500 किमी है.इस पूरे जलमार्ग के साकार होने पर एक लाख 60 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. यही नहीं, अब गंगा के रास्ते व्यापारिक गतिविधियां जुड़ने से उत्तर भारत और पूर्वोत्तर भारत, बांग्लादेश, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार, थाईलैंड और अन्य दक्षिण एशियाई देशों से जुड़ जाएगा.
बिहार की राजधानी पटना के सिटी इलाके में बीती शाम बदमाशों ने एक बैंक्विट हॉल को निशाना बनाया और वहां पर अंधाधुंध फायरिंग की. बताया जा रहा है कि बैंक्विट हॉल के मालिक से रंगदारी वसूलने के इरादे से अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया.
घटना शाम के तकरीबन 6 बजे अगम कुआं थाना क्षेत्र के नंदलाल छपरा स्थित रूपश्री इन बैंक्विट हॉल में हुई. इस बैंक्विट हॉल के मालिक डॉ. प्रभात कुमार सुमन है जो घटना के वक्त सासाराम में थे. जानकारी के मुताबिक चार की संख्या में बदमाश मोटर साइकिल पर सवार होकर बैंक्विट हॉल पर पहुंचे और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.
फायरिंग के दौरान बैंक्विट हॉल के बाहर के सभी शीशे चकनाचूर हो गए. घटना के वक्त बैंक्विट हॉल के अंदर डॉ.सुमन के पिता अर्जुन प्रसाद सिंह और उनके समधी दीनानाथ प्रसाद मौजूद थे. बैंक्विट हॉल में लगे सीसीटीवी में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दो अपराधी हथियार लेकर अंदर घुसते हैं और फिर रंगदारी के लिए डॉ. सुमन के पिता और ससुर को धमकाते हैं.
घटना को अंजाम देने के बाद दोनों अपराधी साथियों के साथ हवा में फायरिंग करते हुए फरार हो गए. जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है. जहां पर 47 कट्ठा जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच में काफी समय से विवाद चल रहा था. इसी विवाद को लेकर एक पक्ष ने इस घटना को अंजाम दिया.
पूर्वी पटना के पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार भील ने बताया कि जैसे ही पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली उन लोगों ने ताबड़तोड़ इलाके में छापेमारी शुरू कर दी और एक अपराधी राकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस घटना में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.

Tuesday, October 16, 2018

图说:中国大规模的海外投资计划

过去一年里,中国大举进军海外,资助成立了诸如亚洲基础设施投资银行( )等新的金融机构,挑战了所谓的布雷顿森林体系。在“一带一路”战略的指引下,又宣布了一系列重大的贸易、投资与资源开采行动计划

亚投行的成立反映出中国难以在世界银行和世界货币组织( )等国际组织中施展拳脚,而这些国际组织的影响力正日渐式微。“一带一路”战略则不仅显示出中国新的强硬外交政策,还表现出中国希望进入新常态,将部分过剩的产能转移到新市场的愿景。所谓“新常态”是指中国希望在一段时期的经济增长放缓后实现结构性转型,走上更优质、可持续的发展道路。

在这个风云变幻的全球经济形势下,中国经济的放缓对大宗商品市场产生了重大影响。中英两国最有影响力的两个智库发布了一份最新研究报告,探讨了中国在全球 治理中愈发重要的地位,并为各国决策者提出了若干建议,以便它们了解日益活跃的中国在能源、金属和矿产领域中扮演的角色。这张地图显示了中国“新丝绸之路”计划的广度和规模,其中包括广泛的运输和海陆物流环节。这些将促使在中国及亚洲其他地区之间以及与欧洲和非洲更加频繁的原材料和制成品贸易。

查塔姆研究所和国务院发展研究中心共同发布的《引领新常态:中国与全球资源治理》指出,目前疲软的市场价格削减了资源紧张的压力,这或将给国际治理改革带 来“机会窗口”。此外,作为今年G20峰会主席国,又是世界第一消费大国和资源贸易国,随着其全球影响力日益增强,中国被寄予期望推动实现更高效的全球资 源治理。

中国该怎么做?报告建议中国扮演更为积极的角色:主持高级别对话;与生产国展开磋商,防止产生破坏双方利益的出口限制;帮助新兴经济体发展完善资源贸易争端“预警”机制。

报告还建议中国考虑加入《采掘业透明度行动计 ),从而证明中国企业内部管理符合国际最佳实践,并且建议中国厂家在践行国家新丝绸之路政策的过程中加强环境监测和报告制度。

更多建议及信息请详见在线报告,此处可下载英文和中文版本。上图再现了该报告一带一路规划图:该图不仅能够帮助您更好地了解中国新的贸易和投资规划及其对能源和资源影响,还涵盖了密切相关的水文和森林数据。
面对环境恶化和气候变化,中国大力发展“新常态”下的“生态文明”。报告指出,全球经济也面临着同样的新常态。在此背景下,该图的意义愈发重大

Tuesday, October 9, 2018

नशीली आंखों की मलिका रेखा का जन्‍मदिन आज, जानें उनकी जिंदगी से जुड़ी ये खास बातें...

शीली आंखें, सुंदर काया और बेहतरीन अदाकारी का संगम है बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री रेखा. रेखा आज अपना 64वां जन्मदिन मना रही हैं. रेखा का जन्म 10 अक्टूबर 1954 हिन्दी फिल्मों की एक मशहूर अदाकारा हैं. रेखा को हिंदी सिनेमा की सर्वश्रेष्‍ठ अभिनेत्र‍ियों के तौर पर जानी जाती हैं. फिल्म इंडस्ट्री में लगभग 5 दशकों तक सक्रिय रही रेखा ने महज 15 साल की उम्र में बॉलीवुड में एंट्री कर ली थी. आज भी लोग उनकी एक झलक पाने को बेताब दिखते हैं. फिलहाल रेखा फिल्‍मों से दूर हैं लेकिन आज भी अपने स्‍टाइल को लेकर सुर्खियों में बनी रहती हैं.

रेखा ने साल 1966 में एक र्चाल्‍ड आटिस्‍ट के तौर पर तेलगू फिल्‍म '  ' में काम किया था. इसके चार साल बाद हिंदी सिनेमा में उन्‍होंने फिल्‍म 'सावन भादो' से डेब्‍यू किया था. फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी.रेखा को अभिनय के क्षेत्र में आने के लिए अपनी पढाई छोडनी पड़ी. रेखा को अभिनय में रूचि नहीं थी लेकिन परिवार में आर्थिक समस्या होने के कारण उन्हें इस क्षेत्र में आना पड़ा. उनकी पहली फिल्म 'सावन भादो' के हिट होने के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर आने लगे. उन्होंने 'रामपुर का लक्ष्मण', 'कहानी किस्मत की' और 'प्राण जाये पर वचन न जाये' जैसी फिल्‍मों में काम किया. इन फिल्मों को भी अच्छा रिस्पांस मिला. अमिताभ बच्चन के साथ उनकी पहली फिल्म 'दो अंजाने' को खूब सराहा गया. फिल्‍म 'घर' उनके करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुई. इसके बाद तो जैसे उनके पास फिल्मों की झड़ी लग गई.फिल्म ‘दो शिकारी‘ के सेट पर रेखा बेहोश हो गईं थी. उन्हें अभिनेता विश्वजीत के साथ एक किसिंग सीन फिल्माना था. रेखा इस सीन के लिए तैयार नहीं थी लेकिन फिल्म की जरूरत कीवजह से उन्हें यह सीन करना पडा. शॉट के बाद रेखा बेहोश हो गई. इस फिल्म के बाद रेखा का नाम विश्वजीत के साथ जोड़ा गया और कहा जाने लगा कि दोनों एकदूसरे के साथ काफी वक्त बिताते हैं. हालांकि हिंदी सिनेमा में रेखा का उदय हो रहा था और ऐसे में वो अपना ध्‍यान इसी पर केंद्रित करना चाहती थीं कि ऐसे में उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया.रेखा और विनोद मेहरा के संबंधों की भी खूब चर्चा रही. दोनों का मिलना, सार्वजनिक मंच पर एकदूसरे का साथ देना दुनिया को दोनों के बीच कुछ होने का सबूत देता था. विनोद मेहरा और रेखा एकदूसरे के प्यार में इतना डूबे थे कि दोनों को दुनिया जहां की कोई खबर ही नहीं थी. कहा तो यह भी जा रहा था कि दोनों एकदूसरे के साथ शादी करना चाहते थे. लेकिन विनोद मेहरा की मां को बहु के रूप में रेखा पसंद नहीं थी. इसके बाद जब विनोद मेहरा ने अपनी मां से रेखा को मिलवाया तो मां ने विनोद को दोनों में से किसी एक को चुनने को कहा. विनोद मेहरा ने मां को चुना और रेखा अकेली हो गईं.रेखा और अमिताभ बच्चन की नजदीकियों ने भी खुब सुर्खियां बटोरी. अमिताभ रेखा के प्यार में डूबे थे वहीं रेखा ने भी खुद को बदल दिया था. कभी सांवली सी दिखने वाली रेखा एक खूबसूरत सेक्सी अभिनेत्री बनकर उभरी. अमिताभ की कैमेस्ट्री पर्दे पर भी खूब देखने को मिली. उनकी 9 में से 5 फिल्में सुपरहिट रही. 'मि. नटवरलाल', 'सुहाग', 'गंगा की सौगंध', 'खून पसीना' और 'नमक हराम' जैसी फिल्मों की सफलता के साथ यह जोड़ी सफलता के शिखर पर पहुंच गई. इस जोड़ी की आखिरी फिल्म थी 'सिलसिला'. इस फिल्म की कहानी को रेखा अमिताभ बच्चन की निजी जिंदगी से भी जोड़कर देखा गया. इस फिल्म में जया ने अमिताभ बच्चन की पत्नी का किरदार निभाया था और रेखा ने प्रेमिका का. लेकिन 'कुली' फिल्म के हादसे के बाद दोनों की राहें जुदा हो गई.रेखा की जिंदगी का एक अहम किस्सा मुकेश अग्रवाल से उनकी शादी का भी है. रेखा ने साल 1990 में दिल्ली के कारोबारी मुकेश अग्रवाल से शादी की लेकिन मुकेश ने शादी के 1 साल बाद ही आत्महत्या कर ली. अफवाहें ऐसी भी उड़ी कि रेखा ने साल 1973 में विनोद मेहरा से शादी की थी. लेकिन साल 2004 में सिमी ग्रेवाल के टेलीविजन शो में रेखा ने ऐसी खबरों से इनकार किया और विनोद मेहरा को अपना 'शुभचिंतक' बताया. रेखा मौजूदा समय में मुंबई स्थित बांद्रा में रहती हैं. साल 1980 में आई कॉमेडी फिल्म 'खूबसूरत' में रेखा की कॉमिक टाइम को सराहा गया. इस फिल्म के सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार तो मिला ही, रेखा को भी पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था. साल 1981 में आई फिल्म 'उमराव जान' को रेखा की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक माना जाता है. इस फिल्म के लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. फिल्म 'खून भरी मांग' रेखा की सुपरहिट फिल्मों में शुमार की जाती है. इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिये उन्‍हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गईं. रेखा की चर्चित फिल्‍मों में धर्मा, कहानी किस्मत की, नमक हराम, धर्मात्मा, खून पसीना, गंगा की सौगंध, मुकद्दर का सिकंदर, खूबसूरत, अगरर तुम ना होते,  खून भरी मांग, इजाजत, बीवी हो तो ऐसी, भ्रष्टाचार, फूल बने अंगारे, खिलाडि़यों का खिलाड़ी, आस्था, बुलंदी, जुबैदा, लज्जा, दिल है तुम्हारा, कोई मिल गया और क्रिश.

Friday, September 28, 2018

नौणी यूनिवर्सिटी की छात्रा को अमरीका देगा स्कालरशिप, जागृति की प्रतिभा के कायल

यूनिवर्सिटी की छात्रा जागृति ठाकुर की प्रतिभा का डंका अमरीका में बजा है। अमरीका स्थित इंटरनेशनल प्लांट न्यूटी्रशन इंस्टीच्यूट (आईपीएनआई) विज्ञान पुरस्कार के लिए जागृति को चुना गया है। खास बात यह है कि हर साल दुनिया भर से सिर्फ 30 स्कॉलर्स को ही इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। वर्तमान में जागृति नौणी यूनिवर्सिटी के मृदा विज्ञान और जल प्रबंधन विभाग में पीएचडी कर रही हैं। आईपीएनआई पुरस्कार डॉक्ट्रेट कार्यक्रम के लिए अनुसंधान के विषय-संक्षेप के आधार पर ही दिया जाता है। आईपीएनआई के क्षेत्रीय समितियों के वैज्ञानिक इस पुरस्कार के विजेताओं का चयन करते हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचसी शर्मा ने छात्र और रिसर्च गाइड को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह गौरव के क्षण हंै, क्योंकि दुनिया भर से केवल 30 छात्रों और वैज्ञानिकों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।चीन ने बाहरी देशों के दक्षिण चीन सागर में उत्तेजक कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेन गुओकियांग ने दक्षिण चीन सागर में ब्रिटिश नौसेना के जहाजों की उपस्थिति के सवालों के जवाब में यह बयान दिया। श्री रेन ने कहा, ‘ बाहरी देशों में शामिल ब्रिटेन और फ्रांस ने जानबूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज किया है कि दक्षिण चीन सागर शांति और स्थिरता की ओर बढ़ रही है। ये देश नौपरिवहन की स्वतंत्रता का दुरुपयोग करके अपने हितों की तलाश में आये है । उन्होंने कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार दक्षिण चीन सागर में नौपरिवहन और विदेशी सीमा क्षेत्र में विमानों के परिचालन की स्वतंत्रता का हमेशा सम्मान और बचाव किया है। इस बीच, चीन दृढता से इस क्षेत्र में कुछ देशों के इस स्वतंत्रता के बहाने उकसाने विरोध करता है।यूनिवर्सिटी की छात्रा जागृति ठाकुर की प्रतिभा का डंका अमरीका में बजा है। अमरीका स्थित इंटरनेशनल प्लांट न्यूटी्रशन इंस्टीच्यूट (आईपीएनआई) विज्ञान पुरस्कार के लिए जागृति को चुना गया है। खास बात यह है कि हर साल दुनिया भर से सिर्फ 30 स्कॉलर्स को ही इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। वर्तमान में जागृति नौणी यूनिवर्सिटी के मृदा विज्ञान और जल प्रबंधन विभाग में पीएचडी कर रही हैं। आईपीएनआई पुरस्कार डॉक्ट्रेट कार्यक्रम के लिए अनुसंधान के विषय-संक्षेप के आधार पर ही दिया जाता है। आईपीएनआई के क्षेत्रीय समितियों के वैज्ञानिक इस पुरस्कार के विजेताओं का चयन करते हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचसी शर्मा ने छात्र और रिसर्च गाइड को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह गौरव के क्षण हंै, क्योंकि दुनिया भर से केवल 30 छात्रों और वैज्ञानिकों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।चीन ने बाहरी देशों के दक्षिण चीन सागर में उत्तेजक कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेन गुओकियांग ने दक्षिण चीन सागर में ब्रिटिश नौसेना के जहाजों की उपस्थिति के सवालों के जवाब में यह बयान दिया। श्री रेन ने कहा, ‘ बाहरी देशों में शामिल ब्रिटेन और फ्रांस ने जानबूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज किया है कि दक्षिण चीन सागर शांति और स्थिरता की ओर बढ़ रही है। ये देश नौपरिवहन की स्वतंत्रता का दुरुपयोग करके अपने हितों की तलाश में आये है । उन्होंने कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार दक्षिण चीन सागर में नौपरिवहन और विदेशी सीमा क्षेत्र में विमानों के परिचालन की स्वतंत्रता का हमेशा सम्मान और बचाव किया है। इस बीच, चीन दृढता से इस क्षेत्र में कुछ देशों के इस स्वतंत्रता के बहाने उकसाने विरोध करता है।

Friday, September 14, 2018

हिन्दी दिवस पर अपनों के साथ शेयर करें महापुरुषों के अनमोल विचार

देशभर में 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। आजादी मिलने के दो साल बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एक मत से हिंदी को राजभाषा घोषित किया गया था और इसके बाद से हर साल इसे हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन अपने दोस्तों रिश्तेदारों को महापुरुषों के अनमोल विचार शेयर कर विश कर सकते हैं:
पिछले कई दिनों से बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी अपनी बायोपिक वेब सीरीज 'करनजीत कौर द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सनी लियोनी' को लेकर काफी चर्चे में हैं। इस वेब सीरीज को लेकर अक्सर लोग उन्हें ट्रोल करते रहते हैं। लेकिन इस सनी  का एक बार फिर से चर्चा में आने की वजह कुछ और ही है। जी हां, सोशल मीडिया पर सनी लियोग की एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो में सनी अपनी पति डैनियल के साथ नजर आ रही हैं।
दरअसल, सनी ने गणेश चतुर्थी के दिन मुबंई में अपना एक घर लिया है। इसकी जानकरी सनी से कुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ फोटोज और वीडियो पोस्ट करते हुए दी है। इस वीडियो को जरिए सनी ने फैंस को पहले गणेश चतुर्थी के मौके पर विश किया फिर अपने नये घर की जानकारी शेयर की।णेश चतुर्थी के दिन अपने नए घर में गृह प्रवेश करते हुए सनी अपने पति डेनियल वेबर साथ नजर आईं। इस वीडियो साझा करते हुए सनी ने कैप्शन में लिखा कि मुझे कोई रूल और कस्टम के बारे में नहीं पता और इस दिन कौन सा सही काम करना चाहिए वो भी मैं नहीं जानती। लेकिन मैं अपनी पति डेनियल वेबर के साथ मुंबई के नए घर में कदम रख रही हूं। आप सबको गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं।
 d: रेलवे ने 17 सितंबर से शुरू होने वाली ग्रुप डी सीबीटी परीक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 17 सितंबर के एडमिट कार्ड 13 सितंबर को जारी कर दिए गए  में दिन में तीन शिफ्ट होंगी। आप अपने एडमिट कार्ड में देख सकते हैं आपका एग्जाम कौन सी शिफ्ट में है। पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे, दूसरी दोपहर साढ़े 12 बजे और शाम की शिफ्ट की परीक्षा 4 बजे शुरू होगी। हली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होगी। इसका रिपोर्टिंग टाइम सुबह 7:15 बजे है। गेट बंद होने का समय 8:15 है।
2- दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 12:30 बजे शुरू होगी। इसका रिपोर्टिंग टाइम 10:45 बजे है। गेट बंद होने का समय 11:45 है।
3- तीसरी शिफ्ट की परीक्षा शाम 4 बजे शुरू होगी। इसका रिपोर्टिंग टाइम दोपहर 2:15 बजे है। गेट बंद होने का समय दोपहर 3:15 है। उम्मीदवार समय पर रिपोर्ट करें।
5- गेट बंद होने के बाद उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। 
6- उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड के साथ ऑरिजनल फोटो आईडी भी लाएं। फोटो आईडी की फोटो कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी।
7- मोबाइल फोन, पेजर, घड़ी, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, चूडी़, बेल्ड, ब्रेसलेट आदि के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। बाएं हाथ के अंगूठे पर मेहंदी जैसी कोई चीज न लगाएं ताकि रजिस्ट्रेशन में कोई दिक्कत न आए।  
9- सीबीटी में किसी भी प्रश्न के विकल्प को चुनने के बाद उम्मीदवार  और फिर  पर क्लिक करें। सेव नहीं किेए गए उत्तर की चेकिंग नहीं होगी।
10. किसी भी गड़बड़ी या अनियमितता में लिप्ट पाए जाने पर उम्मीदवार की परीक्षा रद्द कर दी जाएगी। साथ ही भविष्य में होने वाली आरआरबी भर्ती में वह नहीं बैठ पाएगा

Monday, September 10, 2018

कैसे हुई मंगलयान के खर्च में कटौती?

भारत की सरकार ने हाल के दिनों में जुगाड़ को और भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है.
नवंबर 2013 में भारत ने मंगलयान लॉन्च किया. दस महीने बाद ये मंगल का चक्कर लगाने वाला एशिया का पहला अंतरिक्ष यान बन गया. बहुत ही कम ख़र्च में पूरे किए गए इस मिशन को आज स्पेस रेस की मिसाल माना जाता है.
भारत के मंगलयान मिशन में केवल 7.5 करोड़ डॉलर ख़र्च हुए. इसके मुक़ाबले, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर अब तक 160 अरब डॉलर ख़र्च हो चुके हैं.
मंगलयान इतना सस्ता इसीलिए पड़ा क्योंकि भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने जुगाड़ का भरपूर इस्तेमाल किया. पुराने अंतरिक्ष यानों के पुर्ज़ों को इस्तेमाल किया गया. इसकी टेस्टिंग को भी सीमित रखकर इसे ख़र्चीला होने से बचाया गया.
मंगलयान पर काम करने वाले वैज्ञानिकों की जो तस्वीरें इसरो ने जारी कीं, उनमें भारतीय वैज्ञानिक सिर में प्लास्टिक की वो कैप पहने दिखते हैं, जो कई बार नहाने के दौरान काम में लायी जाती है.
बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा भी कि भारत ने जितने पैसे में मंगलयान भेजा, उससे ज़्यादा ख़र्च तो स्पेस मिशन पर बनी हॉलीवुड फ़िल्म ग्रैविटी को बनाने में आया.
नेल्सन कहते हैं कि, 'मंगलयान का बजट देखते ही दूसरे देशों के वैज्ञानिकों ने कहा होता कि भाई इतने पैसे में तो न हो पाएगा. मगर, भारतीय आसानी से हार नहीं मानते.'
अब तो 'जुगाड़ तकनीक' का इस्तेमाल भारत की कॉर्पोरेट दुनिया में भी ख़ूब हो रहा है. जैसे कि टाटा ग्रुप ने 'स्वच्छ' के नाम से जो वाटर प्यूरिफ़ायर बनाया है, वो बहुत सस्ता है. बिजली के बिना ही चलता है. ये उन लोगों के लिए बहुत कारगर है, जो साफ़ पानी से महरूम हैं.
टाटा ने 2009 में लखटकिया कार नैनो लॉन्च की थी, जो दुनिया की 'सबसे सस्ती कार' थी. इसमें बहुत शानदार फ़ीचर्स तो नहीं थे. मगर ये बहुत से भारतीयों का सपना पूरा करने वाली कार थी.
जुगाड़ पर आई किताब-'जुगाड़ इनोवेशन:थिंक फ्रूगल, बी फ्लेक्सिबल, जेनरेट ब्रेकथ्रू ग्रोथ' के सह लेखक जयदीप प्रभु कहते हैं कि पश्चिमी देशों के उद्यमी जो स्टार्ट-अप शुरू करना चाहते हैं, वो भारत के 'जुगाड़' का फ़ायदा उठा सकते हैं.
जयदीप कहते हैं कि, 'जुगाड़ की मदद से आप बहुत छोटी स्टार्ट अप कंपनियों को बहुत कम ख़र्च में वो काम करते देखते हैं, जो बड़ी कंपनियां मोटी रक़म ख़र्च कर के करती हैं.' वो इसकी मिसाल के तौर पर रैस्पबेरी पाई का नाम लेते हैं.
ये क्रेडिट कार्ड के बराबर के कंप्यूटर हैं, जो युवाओं को कोडिंग सीखने में मदद करते हैं. इसे कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में ईजाद किया गया था. आज यूनिवर्सिटी में तकनीक की मदद से छात्रों के समूह वो चीजें ईजाद कर रहे हैं, जिन्हें दस-बीस साल पहले केवल सरकारें या बड़ी कंपनियां ही बना पाती थीं.
वैसे, सिर्फ़ भारतीय ही नहीं कई और देशों के लोग भी जुगाड़ का हुनर रखते हैं. ब्राज़ील में इसे गैम्बियार्रा कहते हैं. वहीं चीन में इसे जिझु चुआंगचिन कहते हैं.
लेकिन, नेल्सन कहते हैं कि भारतीयों के जुगाड़ वाले हुनर की बात ही कुछ और है. वो कहते हैं कि गणपति को जो स्वरूप मिला, वो भी भारतीयों के जुगाड़ का ही प्रतीक है. जब शिव ने गणेश का सिर काट दिया था, तो उन्हें हाथी का सिर लगा दिया गया, क्योंकि किसी इंसान का सिर उस वक़्त मिल नहीं रहा था.
हिंदुस्तान के हालिया इतिहास की जड़ें 1950 के दशक की देन हैं. नेहरू सरकार के दौरान जब पश्चिमी मशीनों के कल-पुर्ज़े नहीं मिलते थे, तो उनका देसी तोड़ निकाल लिया जाता था. मुश्किल के उस दौर ने भारतीयों को नई पहचान दी. नेल्सन कहते हैं कि, 'भारतीय आविष्कारक हैं. हर मुश्किल का तोड़ निकाल लेते हैं.'
वैसे कुछ भारतीय ऐसे भी हैं जो जुगाड़ को बुरी चीज़ मानते हैं. जो घटिया दर्ज़े का काम होता है. नियमों के ख़िलाफ़ जा कर किया जाता है. जयदीप प्रभु कहते हैं कि जब उनकी किताब बाज़ार में आई थी तो बहुत से लोगों ने इसका विरोध किया था. उनका कहना था कि जिस चीज़ को बुरा माना जाता है, उसकी तारीफ़ में किताब कैसे लिखी जा सकती है.
जब दिल्ली में ऑड-इवेन फॉर्मूला लागू हुआ, तो कई दिल्लीवालों ने फ़र्ज़ी नंबर प्लेट लगाकर काम निकाला. इसी तरह बहुत से लोग हैं जो किसी से बात करना चाहते हैं तो मिस्ड कॉल करते हैं. ये ख़राब जुगाड़ की मिसालें हैं.
कई बार जुगाड़ के चक्कर में सेहत और सुरक्षा से समझौता किया जाता है. टाटा नैनो इसकी मिसाल है, जो सुरक्षा के टेस्ट में नाकाम हो गई थी.
नेल्सन कहते हैं कि कई बार जुगाड़ के चक्कर में आम भारतीय, अच्छी चीज़ों की जगह ख़राब से भी काम चला लेते हैं. अगर हमें अपनी प्रतिभा का लोहा दुनिया को मनवाना है, तो ख़राब जुगाड़ों से बचना होगा.
इस काम में तकनीक हमारी मदद कर सकती है. जयदीप प्रभु कहते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी का भारत को डिजिटल पावरहाउस बनाने का सपना इसी दिशा में उठाया गया क़दम है. भारत आज दुनिया में मोबाइल का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है. मोबाइल तकनीक का बेहतर इस्तेमाल भारत को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है.
रही बात डीन नेल्सन की स्नोब्रीज़ मशीन की, तो वो काम की चीज़ निकली. हालांकि इसके लिए उन्हें रोज़ाना बीस किलो बर्फ़ मंगानी पड़ती थी, जो 60 रुपए की पड़ती थी. और ये कोई सस्ता सौदा नहीं था.
नेल्सन कहते हैं कि मशीन भले काम न आई हो, मगर जज़्बा बहुत काम का है. ये भारतीयों को हर चुनौती का तोड़ निकालने के लिए प्रोत्साहित करता है. अब ये भारतीयों पर है कि वो इस जुगाड़ की हंसी उड़ाएं या फिर उस पर गर्व करें.