यूनिवर्सिटी की छात्रा जागृति ठाकुर की प्रतिभा का डंका अमरीका में बजा है।
अमरीका स्थित इंटरनेशनल प्लांट न्यूटी्रशन इंस्टीच्यूट (आईपीएनआई) विज्ञान
पुरस्कार के लिए जागृति को चुना गया है। खास बात यह है कि हर साल दुनिया
भर से सिर्फ 30 स्कॉलर्स को ही इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया
जाता है। वर्तमान में जागृति नौणी यूनिवर्सिटी के मृदा विज्ञान और जल
प्रबंधन विभाग में पीएचडी कर रही हैं। आईपीएनआई पुरस्कार डॉक्ट्रेट
कार्यक्रम के लिए अनुसंधान के विषय-संक्षेप के आधार पर ही दिया जाता है।
आईपीएनआई के क्षेत्रीय समितियों के वैज्ञानिक इस पुरस्कार के विजेताओं का
चयन करते हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचसी शर्मा ने छात्र
और रिसर्च गाइड को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह गौरव के
क्षण हंै, क्योंकि दुनिया भर से केवल 30 छात्रों और वैज्ञानिकों को इस
पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।चीन ने बाहरी देशों के दक्षिण चीन सागर में उत्तेजक कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार रक्षा मंत्रालय के
प्रवक्ता रेन गुओकियांग ने दक्षिण चीन सागर में ब्रिटिश नौसेना के जहाजों
की उपस्थिति के सवालों के जवाब में यह बयान दिया। श्री रेन ने कहा, ‘ बाहरी
देशों में शामिल ब्रिटेन और फ्रांस ने जानबूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज किया
है कि दक्षिण चीन सागर शांति और स्थिरता की ओर बढ़ रही है। ये देश नौपरिवहन
की स्वतंत्रता का दुरुपयोग करके अपने हितों की तलाश में आये है । उन्होंने
कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार दक्षिण चीन सागर में नौपरिवहन
और विदेशी सीमा क्षेत्र में विमानों के परिचालन की स्वतंत्रता का हमेशा
सम्मान और बचाव किया है। इस बीच, चीन दृढता से इस क्षेत्र में कुछ देशों के
इस स्वतंत्रता के बहाने उकसाने विरोध करता है।यूनिवर्सिटी की छात्रा जागृति ठाकुर की प्रतिभा का डंका अमरीका में बजा है।
अमरीका स्थित इंटरनेशनल प्लांट न्यूटी्रशन इंस्टीच्यूट (आईपीएनआई) विज्ञान
पुरस्कार के लिए जागृति को चुना गया है। खास बात यह है कि हर साल दुनिया
भर से सिर्फ 30 स्कॉलर्स को ही इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया
जाता है। वर्तमान में जागृति नौणी यूनिवर्सिटी के मृदा विज्ञान और जल प्रबंधन विभाग में पीएचडी कर रही हैं। आईपीएनआई पुरस्कार डॉक्ट्रेट
कार्यक्रम के लिए अनुसंधान के विषय-संक्षेप के आधार पर ही दिया जाता है। आईपीएनआई के क्षेत्रीय समितियों के वैज्ञानिक इस पुरस्कार के विजेताओं का
चयन करते हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचसी शर्मा ने छात्र
और रिसर्च गाइड को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह गौरव के
क्षण हंै, क्योंकि दुनिया भर से केवल 30 छात्रों और वैज्ञानिकों को इस
पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।चीन ने बाहरी देशों के दक्षिण चीन सागर में उत्तेजक कार्रवाई का कड़ा विरोध
किया है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार रक्षा मंत्रालय के
प्रवक्ता रेन गुओकियांग ने दक्षिण चीन सागर में ब्रिटिश नौसेना के जहाजों
की उपस्थिति के सवालों के जवाब में यह बयान दिया। श्री रेन ने कहा, ‘ बाहरी
देशों में शामिल ब्रिटेन और फ्रांस ने जानबूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज किया
है कि दक्षिण चीन सागर शांति और स्थिरता की ओर बढ़ रही है। ये देश नौपरिवहन
की स्वतंत्रता का दुरुपयोग करके अपने हितों की तलाश में आये है । उन्होंने
कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार दक्षिण चीन सागर में नौपरिवहन
और विदेशी सीमा क्षेत्र में विमानों के परिचालन की स्वतंत्रता का हमेशा
सम्मान और बचाव किया है। इस बीच, चीन दृढता से इस क्षेत्र में कुछ देशों के
इस स्वतंत्रता के बहाने उकसाने विरोध करता है।
Friday, September 28, 2018
Friday, September 14, 2018
हिन्दी दिवस पर अपनों के साथ शेयर करें महापुरुषों के अनमोल विचार
देशभर में 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। आजादी मिलने के दो
साल बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एक मत से हिंदी को राजभाषा
घोषित किया गया था और इसके बाद से हर साल इसे हिंदी दिवस के रूप में मनाया
जाने लगा। इस दिन अपने दोस्तों रिश्तेदारों को महापुरुषों के अनमोल विचार शेयर कर विश कर सकते हैं:
पिछले कई दिनों से बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी अपनी बायोपिक वेब सीरीज 'करनजीत कौर द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सनी लियोनी' को लेकर काफी चर्चे में हैं। इस वेब सीरीज को लेकर अक्सर लोग उन्हें ट्रोल करते रहते हैं। लेकिन इस सनी का एक बार फिर से चर्चा में आने की वजह कुछ और ही है। जी हां, सोशल मीडिया पर सनी लियोग की एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो में सनी अपनी पति डैनियल के साथ नजर आ रही हैं।
दरअसल, सनी ने गणेश चतुर्थी के दिन मुबंई में अपना एक घर लिया है। इसकी जानकरी सनी से कुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ फोटोज और वीडियो पोस्ट करते हुए दी है। इस वीडियो को जरिए सनी ने फैंस को पहले गणेश चतुर्थी के मौके पर विश किया फिर अपने नये घर की जानकारी शेयर की।णेश चतुर्थी के दिन अपने नए घर में गृह प्रवेश करते हुए सनी अपने पति डेनियल वेबर साथ नजर आईं। इस वीडियो साझा करते हुए सनी ने कैप्शन में लिखा कि मुझे कोई रूल और कस्टम के बारे में नहीं पता और इस दिन कौन सा सही काम करना चाहिए वो भी मैं नहीं जानती। लेकिन मैं अपनी पति डेनियल वेबर के साथ मुंबई के नए घर में कदम रख रही हूं। आप सबको गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं।
d: रेलवे ने 17 सितंबर से शुरू होने वाली ग्रुप डी सीबीटी परीक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 17 सितंबर के एडमिट कार्ड 13 सितंबर को जारी कर दिए गए में दिन में तीन शिफ्ट होंगी। आप अपने एडमिट कार्ड में देख सकते हैं आपका एग्जाम कौन सी शिफ्ट में है। पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे, दूसरी दोपहर साढ़े 12 बजे और शाम की शिफ्ट की परीक्षा 4 बजे शुरू होगी। हली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होगी। इसका रिपोर्टिंग टाइम सुबह 7:15 बजे है। गेट बंद होने का समय 8:15 है।
2- दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 12:30 बजे शुरू होगी। इसका रिपोर्टिंग टाइम 10:45 बजे है। गेट बंद होने का समय 11:45 है।
3- तीसरी शिफ्ट की परीक्षा शाम 4 बजे शुरू होगी। इसका रिपोर्टिंग टाइम दोपहर 2:15 बजे है। गेट बंद होने का समय दोपहर 3:15 है। उम्मीदवार समय पर रिपोर्ट करें।
5- गेट बंद होने के बाद उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
6- उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड के साथ ऑरिजनल फोटो आईडी भी लाएं। फोटो आईडी की फोटो कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी।
7- मोबाइल फोन, पेजर, घड़ी, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, चूडी़, बेल्ड, ब्रेसलेट आदि के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। बाएं हाथ के अंगूठे पर मेहंदी जैसी कोई चीज न लगाएं ताकि रजिस्ट्रेशन में कोई दिक्कत न आए।
9- सीबीटी में किसी भी प्रश्न के विकल्प को चुनने के बाद उम्मीदवार और फिर पर क्लिक करें। सेव नहीं किेए गए उत्तर की चेकिंग नहीं होगी।
10. किसी भी गड़बड़ी या अनियमितता में लिप्ट पाए जाने पर उम्मीदवार की परीक्षा रद्द कर दी जाएगी। साथ ही भविष्य में होने वाली आरआरबी भर्ती में वह नहीं बैठ पाएगा
पिछले कई दिनों से बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी अपनी बायोपिक वेब सीरीज 'करनजीत कौर द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सनी लियोनी' को लेकर काफी चर्चे में हैं। इस वेब सीरीज को लेकर अक्सर लोग उन्हें ट्रोल करते रहते हैं। लेकिन इस सनी का एक बार फिर से चर्चा में आने की वजह कुछ और ही है। जी हां, सोशल मीडिया पर सनी लियोग की एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो में सनी अपनी पति डैनियल के साथ नजर आ रही हैं।
दरअसल, सनी ने गणेश चतुर्थी के दिन मुबंई में अपना एक घर लिया है। इसकी जानकरी सनी से कुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ फोटोज और वीडियो पोस्ट करते हुए दी है। इस वीडियो को जरिए सनी ने फैंस को पहले गणेश चतुर्थी के मौके पर विश किया फिर अपने नये घर की जानकारी शेयर की।णेश चतुर्थी के दिन अपने नए घर में गृह प्रवेश करते हुए सनी अपने पति डेनियल वेबर साथ नजर आईं। इस वीडियो साझा करते हुए सनी ने कैप्शन में लिखा कि मुझे कोई रूल और कस्टम के बारे में नहीं पता और इस दिन कौन सा सही काम करना चाहिए वो भी मैं नहीं जानती। लेकिन मैं अपनी पति डेनियल वेबर के साथ मुंबई के नए घर में कदम रख रही हूं। आप सबको गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं।
d: रेलवे ने 17 सितंबर से शुरू होने वाली ग्रुप डी सीबीटी परीक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 17 सितंबर के एडमिट कार्ड 13 सितंबर को जारी कर दिए गए में दिन में तीन शिफ्ट होंगी। आप अपने एडमिट कार्ड में देख सकते हैं आपका एग्जाम कौन सी शिफ्ट में है। पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे, दूसरी दोपहर साढ़े 12 बजे और शाम की शिफ्ट की परीक्षा 4 बजे शुरू होगी। हली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होगी। इसका रिपोर्टिंग टाइम सुबह 7:15 बजे है। गेट बंद होने का समय 8:15 है।
2- दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 12:30 बजे शुरू होगी। इसका रिपोर्टिंग टाइम 10:45 बजे है। गेट बंद होने का समय 11:45 है।
3- तीसरी शिफ्ट की परीक्षा शाम 4 बजे शुरू होगी। इसका रिपोर्टिंग टाइम दोपहर 2:15 बजे है। गेट बंद होने का समय दोपहर 3:15 है। उम्मीदवार समय पर रिपोर्ट करें।
5- गेट बंद होने के बाद उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
6- उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड के साथ ऑरिजनल फोटो आईडी भी लाएं। फोटो आईडी की फोटो कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी।
7- मोबाइल फोन, पेजर, घड़ी, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, चूडी़, बेल्ड, ब्रेसलेट आदि के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। बाएं हाथ के अंगूठे पर मेहंदी जैसी कोई चीज न लगाएं ताकि रजिस्ट्रेशन में कोई दिक्कत न आए।
9- सीबीटी में किसी भी प्रश्न के विकल्प को चुनने के बाद उम्मीदवार और फिर पर क्लिक करें। सेव नहीं किेए गए उत्तर की चेकिंग नहीं होगी।
10. किसी भी गड़बड़ी या अनियमितता में लिप्ट पाए जाने पर उम्मीदवार की परीक्षा रद्द कर दी जाएगी। साथ ही भविष्य में होने वाली आरआरबी भर्ती में वह नहीं बैठ पाएगा
Monday, September 10, 2018
कैसे हुई मंगलयान के खर्च में कटौती?
भारत की सरकार ने हाल के दिनों में जुगाड़ को और भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है.
नवंबर 2013 में भारत ने मंगलयान लॉन्च किया. दस महीने बाद ये मंगल का चक्कर लगाने वाला एशिया का पहला अंतरिक्ष यान बन गया. बहुत ही कम ख़र्च में पूरे किए गए इस मिशन को आज स्पेस रेस की मिसाल माना जाता है.
भारत के मंगलयान मिशन में केवल 7.5 करोड़ डॉलर ख़र्च हुए. इसके मुक़ाबले, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर अब तक 160 अरब डॉलर ख़र्च हो चुके हैं.
मंगलयान इतना सस्ता इसीलिए पड़ा क्योंकि भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने जुगाड़ का भरपूर इस्तेमाल किया. पुराने अंतरिक्ष यानों के पुर्ज़ों को इस्तेमाल किया गया. इसकी टेस्टिंग को भी सीमित रखकर इसे ख़र्चीला होने से बचाया गया.
मंगलयान पर काम करने वाले वैज्ञानिकों की जो तस्वीरें इसरो ने जारी कीं, उनमें भारतीय वैज्ञानिक सिर में प्लास्टिक की वो कैप पहने दिखते हैं, जो कई बार नहाने के दौरान काम में लायी जाती है.
बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा भी कि भारत ने जितने पैसे में मंगलयान भेजा, उससे ज़्यादा ख़र्च तो स्पेस मिशन पर बनी हॉलीवुड फ़िल्म ग्रैविटी को बनाने में आया.
नेल्सन कहते हैं कि, 'मंगलयान का बजट देखते ही दूसरे देशों के वैज्ञानिकों ने कहा होता कि भाई इतने पैसे में तो न हो पाएगा. मगर, भारतीय आसानी से हार नहीं मानते.'
अब तो 'जुगाड़ तकनीक' का इस्तेमाल भारत की कॉर्पोरेट दुनिया में भी ख़ूब हो रहा है. जैसे कि टाटा ग्रुप ने 'स्वच्छ' के नाम से जो वाटर प्यूरिफ़ायर बनाया है, वो बहुत सस्ता है. बिजली के बिना ही चलता है. ये उन लोगों के लिए बहुत कारगर है, जो साफ़ पानी से महरूम हैं.
टाटा ने 2009 में लखटकिया कार नैनो लॉन्च की थी, जो दुनिया की 'सबसे सस्ती कार' थी. इसमें बहुत शानदार फ़ीचर्स तो नहीं थे. मगर ये बहुत से भारतीयों का सपना पूरा करने वाली कार थी.
जुगाड़ पर आई किताब-'जुगाड़ इनोवेशन:थिंक फ्रूगल, बी फ्लेक्सिबल, जेनरेट ब्रेकथ्रू ग्रोथ' के सह लेखक जयदीप प्रभु कहते हैं कि पश्चिमी देशों के उद्यमी जो स्टार्ट-अप शुरू करना चाहते हैं, वो भारत के 'जुगाड़' का फ़ायदा उठा सकते हैं.
जयदीप कहते हैं कि, 'जुगाड़ की मदद से आप बहुत छोटी स्टार्ट अप कंपनियों को बहुत कम ख़र्च में वो काम करते देखते हैं, जो बड़ी कंपनियां मोटी रक़म ख़र्च कर के करती हैं.' वो इसकी मिसाल के तौर पर रैस्पबेरी पाई का नाम लेते हैं.
ये क्रेडिट कार्ड के बराबर के कंप्यूटर हैं, जो युवाओं को कोडिंग सीखने में मदद करते हैं. इसे कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में ईजाद किया गया था. आज यूनिवर्सिटी में तकनीक की मदद से छात्रों के समूह वो चीजें ईजाद कर रहे हैं, जिन्हें दस-बीस साल पहले केवल सरकारें या बड़ी कंपनियां ही बना पाती थीं.
वैसे, सिर्फ़ भारतीय ही नहीं कई और देशों के लोग भी जुगाड़ का हुनर रखते हैं. ब्राज़ील में इसे गैम्बियार्रा कहते हैं. वहीं चीन में इसे जिझु चुआंगचिन कहते हैं.
लेकिन, नेल्सन कहते हैं कि भारतीयों के जुगाड़ वाले हुनर की बात ही कुछ और है. वो कहते हैं कि गणपति को जो स्वरूप मिला, वो भी भारतीयों के जुगाड़ का ही प्रतीक है. जब शिव ने गणेश का सिर काट दिया था, तो उन्हें हाथी का सिर लगा दिया गया, क्योंकि किसी इंसान का सिर उस वक़्त मिल नहीं रहा था.
हिंदुस्तान के हालिया इतिहास की जड़ें 1950 के दशक की देन हैं. नेहरू सरकार के दौरान जब पश्चिमी मशीनों के कल-पुर्ज़े नहीं मिलते थे, तो उनका देसी तोड़ निकाल लिया जाता था. मुश्किल के उस दौर ने भारतीयों को नई पहचान दी. नेल्सन कहते हैं कि, 'भारतीय आविष्कारक हैं. हर मुश्किल का तोड़ निकाल लेते हैं.'
वैसे कुछ भारतीय ऐसे भी हैं जो जुगाड़ को बुरी चीज़ मानते हैं. जो घटिया दर्ज़े का काम होता है. नियमों के ख़िलाफ़ जा कर किया जाता है. जयदीप प्रभु कहते हैं कि जब उनकी किताब बाज़ार में आई थी तो बहुत से लोगों ने इसका विरोध किया था. उनका कहना था कि जिस चीज़ को बुरा माना जाता है, उसकी तारीफ़ में किताब कैसे लिखी जा सकती है.
जब दिल्ली में ऑड-इवेन फॉर्मूला लागू हुआ, तो कई दिल्लीवालों ने फ़र्ज़ी नंबर प्लेट लगाकर काम निकाला. इसी तरह बहुत से लोग हैं जो किसी से बात करना चाहते हैं तो मिस्ड कॉल करते हैं. ये ख़राब जुगाड़ की मिसालें हैं.
कई बार जुगाड़ के चक्कर में सेहत और सुरक्षा से समझौता किया जाता है. टाटा नैनो इसकी मिसाल है, जो सुरक्षा के टेस्ट में नाकाम हो गई थी.
नेल्सन कहते हैं कि कई बार जुगाड़ के चक्कर में आम भारतीय, अच्छी चीज़ों की जगह ख़राब से भी काम चला लेते हैं. अगर हमें अपनी प्रतिभा का लोहा दुनिया को मनवाना है, तो ख़राब जुगाड़ों से बचना होगा.
इस काम में तकनीक हमारी मदद कर सकती है. जयदीप प्रभु कहते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी का भारत को डिजिटल पावरहाउस बनाने का सपना इसी दिशा में उठाया गया क़दम है. भारत आज दुनिया में मोबाइल का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है. मोबाइल तकनीक का बेहतर इस्तेमाल भारत को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है.
रही बात डीन नेल्सन की स्नोब्रीज़ मशीन की, तो वो काम की चीज़ निकली. हालांकि इसके लिए उन्हें रोज़ाना बीस किलो बर्फ़ मंगानी पड़ती थी, जो 60 रुपए की पड़ती थी. और ये कोई सस्ता सौदा नहीं था.
नेल्सन कहते हैं कि मशीन भले काम न आई हो, मगर जज़्बा बहुत काम का है. ये भारतीयों को हर चुनौती का तोड़ निकालने के लिए प्रोत्साहित करता है. अब ये भारतीयों पर है कि वो इस जुगाड़ की हंसी उड़ाएं या फिर उस पर गर्व करें.
नवंबर 2013 में भारत ने मंगलयान लॉन्च किया. दस महीने बाद ये मंगल का चक्कर लगाने वाला एशिया का पहला अंतरिक्ष यान बन गया. बहुत ही कम ख़र्च में पूरे किए गए इस मिशन को आज स्पेस रेस की मिसाल माना जाता है.
भारत के मंगलयान मिशन में केवल 7.5 करोड़ डॉलर ख़र्च हुए. इसके मुक़ाबले, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर अब तक 160 अरब डॉलर ख़र्च हो चुके हैं.
मंगलयान इतना सस्ता इसीलिए पड़ा क्योंकि भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने जुगाड़ का भरपूर इस्तेमाल किया. पुराने अंतरिक्ष यानों के पुर्ज़ों को इस्तेमाल किया गया. इसकी टेस्टिंग को भी सीमित रखकर इसे ख़र्चीला होने से बचाया गया.
मंगलयान पर काम करने वाले वैज्ञानिकों की जो तस्वीरें इसरो ने जारी कीं, उनमें भारतीय वैज्ञानिक सिर में प्लास्टिक की वो कैप पहने दिखते हैं, जो कई बार नहाने के दौरान काम में लायी जाती है.
बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा भी कि भारत ने जितने पैसे में मंगलयान भेजा, उससे ज़्यादा ख़र्च तो स्पेस मिशन पर बनी हॉलीवुड फ़िल्म ग्रैविटी को बनाने में आया.
नेल्सन कहते हैं कि, 'मंगलयान का बजट देखते ही दूसरे देशों के वैज्ञानिकों ने कहा होता कि भाई इतने पैसे में तो न हो पाएगा. मगर, भारतीय आसानी से हार नहीं मानते.'
अब तो 'जुगाड़ तकनीक' का इस्तेमाल भारत की कॉर्पोरेट दुनिया में भी ख़ूब हो रहा है. जैसे कि टाटा ग्रुप ने 'स्वच्छ' के नाम से जो वाटर प्यूरिफ़ायर बनाया है, वो बहुत सस्ता है. बिजली के बिना ही चलता है. ये उन लोगों के लिए बहुत कारगर है, जो साफ़ पानी से महरूम हैं.
टाटा ने 2009 में लखटकिया कार नैनो लॉन्च की थी, जो दुनिया की 'सबसे सस्ती कार' थी. इसमें बहुत शानदार फ़ीचर्स तो नहीं थे. मगर ये बहुत से भारतीयों का सपना पूरा करने वाली कार थी.
जुगाड़ पर आई किताब-'जुगाड़ इनोवेशन:थिंक फ्रूगल, बी फ्लेक्सिबल, जेनरेट ब्रेकथ्रू ग्रोथ' के सह लेखक जयदीप प्रभु कहते हैं कि पश्चिमी देशों के उद्यमी जो स्टार्ट-अप शुरू करना चाहते हैं, वो भारत के 'जुगाड़' का फ़ायदा उठा सकते हैं.
जयदीप कहते हैं कि, 'जुगाड़ की मदद से आप बहुत छोटी स्टार्ट अप कंपनियों को बहुत कम ख़र्च में वो काम करते देखते हैं, जो बड़ी कंपनियां मोटी रक़म ख़र्च कर के करती हैं.' वो इसकी मिसाल के तौर पर रैस्पबेरी पाई का नाम लेते हैं.
ये क्रेडिट कार्ड के बराबर के कंप्यूटर हैं, जो युवाओं को कोडिंग सीखने में मदद करते हैं. इसे कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में ईजाद किया गया था. आज यूनिवर्सिटी में तकनीक की मदद से छात्रों के समूह वो चीजें ईजाद कर रहे हैं, जिन्हें दस-बीस साल पहले केवल सरकारें या बड़ी कंपनियां ही बना पाती थीं.
वैसे, सिर्फ़ भारतीय ही नहीं कई और देशों के लोग भी जुगाड़ का हुनर रखते हैं. ब्राज़ील में इसे गैम्बियार्रा कहते हैं. वहीं चीन में इसे जिझु चुआंगचिन कहते हैं.
लेकिन, नेल्सन कहते हैं कि भारतीयों के जुगाड़ वाले हुनर की बात ही कुछ और है. वो कहते हैं कि गणपति को जो स्वरूप मिला, वो भी भारतीयों के जुगाड़ का ही प्रतीक है. जब शिव ने गणेश का सिर काट दिया था, तो उन्हें हाथी का सिर लगा दिया गया, क्योंकि किसी इंसान का सिर उस वक़्त मिल नहीं रहा था.
हिंदुस्तान के हालिया इतिहास की जड़ें 1950 के दशक की देन हैं. नेहरू सरकार के दौरान जब पश्चिमी मशीनों के कल-पुर्ज़े नहीं मिलते थे, तो उनका देसी तोड़ निकाल लिया जाता था. मुश्किल के उस दौर ने भारतीयों को नई पहचान दी. नेल्सन कहते हैं कि, 'भारतीय आविष्कारक हैं. हर मुश्किल का तोड़ निकाल लेते हैं.'
वैसे कुछ भारतीय ऐसे भी हैं जो जुगाड़ को बुरी चीज़ मानते हैं. जो घटिया दर्ज़े का काम होता है. नियमों के ख़िलाफ़ जा कर किया जाता है. जयदीप प्रभु कहते हैं कि जब उनकी किताब बाज़ार में आई थी तो बहुत से लोगों ने इसका विरोध किया था. उनका कहना था कि जिस चीज़ को बुरा माना जाता है, उसकी तारीफ़ में किताब कैसे लिखी जा सकती है.
जब दिल्ली में ऑड-इवेन फॉर्मूला लागू हुआ, तो कई दिल्लीवालों ने फ़र्ज़ी नंबर प्लेट लगाकर काम निकाला. इसी तरह बहुत से लोग हैं जो किसी से बात करना चाहते हैं तो मिस्ड कॉल करते हैं. ये ख़राब जुगाड़ की मिसालें हैं.
कई बार जुगाड़ के चक्कर में सेहत और सुरक्षा से समझौता किया जाता है. टाटा नैनो इसकी मिसाल है, जो सुरक्षा के टेस्ट में नाकाम हो गई थी.
नेल्सन कहते हैं कि कई बार जुगाड़ के चक्कर में आम भारतीय, अच्छी चीज़ों की जगह ख़राब से भी काम चला लेते हैं. अगर हमें अपनी प्रतिभा का लोहा दुनिया को मनवाना है, तो ख़राब जुगाड़ों से बचना होगा.
इस काम में तकनीक हमारी मदद कर सकती है. जयदीप प्रभु कहते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी का भारत को डिजिटल पावरहाउस बनाने का सपना इसी दिशा में उठाया गया क़दम है. भारत आज दुनिया में मोबाइल का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है. मोबाइल तकनीक का बेहतर इस्तेमाल भारत को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है.
रही बात डीन नेल्सन की स्नोब्रीज़ मशीन की, तो वो काम की चीज़ निकली. हालांकि इसके लिए उन्हें रोज़ाना बीस किलो बर्फ़ मंगानी पड़ती थी, जो 60 रुपए की पड़ती थी. और ये कोई सस्ता सौदा नहीं था.
नेल्सन कहते हैं कि मशीन भले काम न आई हो, मगर जज़्बा बहुत काम का है. ये भारतीयों को हर चुनौती का तोड़ निकालने के लिए प्रोत्साहित करता है. अब ये भारतीयों पर है कि वो इस जुगाड़ की हंसी उड़ाएं या फिर उस पर गर्व करें.
Thursday, September 6, 2018
联合国推进气候变化条约进程
据路透社报道,联合国在公布一系列应对气候变化的不同观点时说,在推进2012年后气候条约制定的工作上,全世界都没有“停滞不前”。在这份长达53页的文件中包括有象中国和印度这样的发展中国家提出的减少温室气体排放的2012年目标和如何监督人类活动以遏制全球变暖的方法。
“这个文件是我们奋斗路程上重要的一点,” 联合国气候变化秘书处的执行秘书伊沃·德博埃尔在一份声明中谈到,而该声明会是即将于12月在哥本哈根召开的联合国气候会议上新气候协议讨论的基础。他说:“距离哥本哈根会议只有200天,时间越来越紧迫,但是全世界对于如何应对气候变化问题的进展没有停滞。”
在这份文件中,贫穷国家建议发达国家应该拨出他们全民生产总值的2%来帮助他们应对气候变化,而富裕国家则呼吁发展中国家应该采取更多措施来减少温室气体排放量。同时,文件中还有一些关于怎样推动碳市场更广泛应用的构想,以及保护能吸收大量二氧化碳的热带森林的办法。
现有京都协议中关于富裕国家削减温室气体的第一套建议已于上周公布。没被美国批准的京都协议要求在2008年至2012年之间减少比1990年至少5%的温室气体排放量。
联合国的这份草案文本是这样开头的“由于人类活动而引起的气候变暖现象是不能否定的”。它警告说,全球变暖将会对食品安全、健康和与贫困作斗争产生不利的影响。
路透社报导,水泥工业团体表示,在不减缓贫穷国家的发展建设的情况下,他们支持温室气体减排策略。针对区域与全球的规范与限额,水泥可持续发展计划规划了一套可监测、回报、核对二氧化碳排量的系统,共享减少排放量的技术与最佳实践。
参与此计划的十八个现有成员企业生产约占世界30%的水泥产量,而水泥业产生全球5%的二氧化碳排放量,影响气候的变化。随着发展中国家快速城市化,到2030年水泥产业产能预计将翻倍 。除了钢铁与炼化产业,水泥工业制造的二氧化碳量远高于其它制造业。
水泥可持续发展计划执行长霍华.克莱说,相比未达成二氧化碳减量协议前,实施减排策略将可使二氧化碳的排放减少25%。他补充说,这项策略可能赢得向来拒绝任何减量限制的贫穷国家的支持。
他强调“由于80%的水泥在发展中国家制造,2030年以前更可能增加到90%,因此赢得发展中国家的参与相当重要。尽管欧洲正进行减排,并不表示这将促使类似印度这样的国家也跟进。”
一份由水泥可持续发展计划所提出的研究指出,与其只仰赖地域性的倡议或不够确切的全球性目标,针对不同工业的提出的计划更能发挥重要的影响。该比较建立在水泥产业在2012年到2030年之间效率提高近 20%的假设之上。
据路透社报道,为减少废气排放及增加汽油使用里程,美国总统奥巴马下令处于窘境的美国汽车业依照新的国家标准制造更省油的汽车。奥巴马说,该标准将减少美国对外国石油的依赖,并能为行业提供5年的时间以谋取生存和发展。
根据新的标准,2016年前,客车和轻型卡车必须达到平均每加仑汽油行驶35.5英里( 每百里6.25公升)的标准。奥巴马称,新标准将在整个项目周期内节约18亿桶石油,这相当于一年内减少了5800万辆汽车。
“我们不能继续维持现状, ”他补充道,新标准的实行是美国向清洁能源经济过渡的开始。奥巴马将对抗气候变化列为优先事项,而美国国会已开始对相关立法展开激辩,很多人希望相关立法能够针对控制温室气体排放与抵抗气候变化提供更广泛的指导方针。
虽然该方案预计将增加约1300美元的汽车生产成本,奥巴马认为,里程标准的改进节约了燃料费用,购车者将因此收回成本。汽车行业目前处于对联邦政府援助的依赖之中,并且正按照政府的指导进行产业重组。
此前加利福尼亚州一直试图摆脱联邦法律而自行实施硬性排放标准,这一举动可能催生不同的州法规,而奥巴马的这一方案解决了联邦政府和加州的这项长年争端。
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