过去一年里,中国大举进军海外,资助成立了诸如亚洲基础设施投资银行( )等新的金融机构,挑战了所谓的布雷顿森林体系。在“一带一路”战略的指引下,又宣布了一系列重大的贸易、投资与资源开采行动计划。
亚投行的成立反映出中国难以在世界银行和世界货币组织( )等国际组织中施展拳脚,而这些国际组织的影响力正日渐式微。“一带一路”战略则不仅显示出中国新的强硬外交政策,还表现出中国希望进入新常态,将部分过剩的产能转移到新市场的愿景。所谓“新常态”是指中国希望在一段时期的经济增长放缓后实现结构性转型,走上更优质、可持续的发展道路。
在这个风云变幻的全球经济形势下,中国经济的放缓对大宗商品市场产生了重大影响。中英两国最有影响力的两个智库发布了一份最新研究报告,探讨了中国在全球
治理中愈发重要的地位,并为各国决策者提出了若干建议,以便它们了解日益活跃的中国在能源、金属和矿产领域中扮演的角色。这张地图显示了中国“新丝绸之路”计划的广度和规模,其中包括广泛的运输和海陆物流环节。这些将促使在中国及亚洲其他地区之间以及与欧洲和非洲更加频繁的原材料和制成品贸易。
查塔姆研究所和国务院发展研究中心共同发布的《引领新常态:中国与全球资源治理》指出,目前疲软的市场价格削减了资源紧张的压力,这或将给国际治理改革带
来“机会窗口”。此外,作为今年G20峰会主席国,又是世界第一消费大国和资源贸易国,随着其全球影响力日益增强,中国被寄予期望推动实现更高效的全球资 源治理。
中国该怎么做?报告建议中国扮演更为积极的角色:主持高级别对话;与生产国展开磋商,防止产生破坏双方利益的出口限制;帮助新兴经济体发展完善资源贸易争端“预警”机制。
报告还建议中国考虑加入《采掘业透明度行动计 ),从而证明中国企业内部管理符合国际最佳实践,并且建议中国厂家在践行国家新丝绸之路政策的过程中加强环境监测和报告制度。
更多建议及信息请详见在线报告,此处可下载英文和中文版本。上图再现了该报告一带一路规划图:该图不仅能够帮助您更好地了解中国新的贸易和投资规划及其对能源和资源影响,还涵盖了密切相关的水文和森林数据。
面对环境恶化和气候变化,中国大力发展“新常态”下的“生态文明”。报告指出,全球经济也面临着同样的新常态。在此背景下,该图的意义愈发重大。
Tuesday, October 16, 2018
Tuesday, October 9, 2018
नशीली आंखों की मलिका रेखा का जन्मदिन आज, जानें उनकी जिंदगी से जुड़ी ये खास बातें...
शीली आंखें, सुंदर काया और बेहतरीन अदाकारी का संगम है बॉलीवुड की
सदाबहार अभिनेत्री रेखा. रेखा आज अपना 64वां जन्मदिन मना रही हैं. रेखा का
जन्म 10 अक्टूबर 1954 हिन्दी फिल्मों की एक मशहूर अदाकारा हैं. रेखा को
हिंदी सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों के तौर पर जानी जाती हैं.
फिल्म इंडस्ट्री में लगभग 5 दशकों तक सक्रिय रही रेखा ने महज 15 साल की
उम्र में बॉलीवुड में एंट्री कर ली थी. आज भी लोग उनकी एक झलक पाने को
बेताब दिखते हैं. फिलहाल रेखा फिल्मों से दूर हैं लेकिन आज भी अपने
स्टाइल को लेकर सुर्खियों में बनी रहती हैं.
रेखा ने साल 1966 में एक र्चाल्ड आटिस्ट के तौर पर तेलगू फिल्म ' ' में काम किया था. इसके चार साल बाद हिंदी सिनेमा में उन्होंने फिल्म 'सावन भादो' से डेब्यू किया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी.रेखा को अभिनय के क्षेत्र में आने के लिए अपनी पढाई छोडनी पड़ी. रेखा को अभिनय में रूचि नहीं थी लेकिन परिवार में आर्थिक समस्या होने के कारण उन्हें इस क्षेत्र में आना पड़ा. उनकी पहली फिल्म 'सावन भादो' के हिट होने के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर आने लगे. उन्होंने 'रामपुर का लक्ष्मण', 'कहानी किस्मत की' और 'प्राण जाये पर वचन न जाये' जैसी फिल्मों में काम किया. इन फिल्मों को भी अच्छा रिस्पांस मिला. अमिताभ बच्चन के साथ उनकी पहली फिल्म 'दो अंजाने' को खूब सराहा गया. फिल्म 'घर' उनके करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुई. इसके बाद तो जैसे उनके पास फिल्मों की झड़ी लग गई.फिल्म ‘दो शिकारी‘ के सेट पर रेखा बेहोश हो गईं थी. उन्हें अभिनेता विश्वजीत के साथ एक किसिंग सीन फिल्माना था. रेखा इस सीन के लिए तैयार नहीं थी लेकिन फिल्म की जरूरत कीवजह से उन्हें यह सीन करना पडा. शॉट के बाद रेखा बेहोश हो गई. इस फिल्म के बाद रेखा का नाम विश्वजीत के साथ जोड़ा गया और कहा जाने लगा कि दोनों एकदूसरे के साथ काफी वक्त बिताते हैं. हालांकि हिंदी सिनेमा में रेखा का उदय हो रहा था और ऐसे में वो अपना ध्यान इसी पर केंद्रित करना चाहती थीं कि ऐसे में उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया.रेखा और विनोद मेहरा के संबंधों की भी खूब चर्चा रही. दोनों का मिलना, सार्वजनिक मंच पर एकदूसरे का साथ देना दुनिया को दोनों के बीच कुछ होने का सबूत देता था. विनोद मेहरा और रेखा एकदूसरे के प्यार में इतना डूबे थे कि दोनों को दुनिया जहां की कोई खबर ही नहीं थी. कहा तो यह भी जा रहा था कि दोनों एकदूसरे के साथ शादी करना चाहते थे. लेकिन विनोद मेहरा की मां को बहु के रूप में रेखा पसंद नहीं थी. इसके बाद जब विनोद मेहरा ने अपनी मां से रेखा को मिलवाया तो मां ने विनोद को दोनों में से किसी एक को चुनने को कहा. विनोद मेहरा ने मां को चुना और रेखा अकेली हो गईं.रेखा और अमिताभ बच्चन की नजदीकियों ने भी खुब सुर्खियां बटोरी. अमिताभ रेखा के प्यार में डूबे थे वहीं रेखा ने भी खुद को बदल दिया था. कभी सांवली सी दिखने वाली रेखा एक खूबसूरत सेक्सी अभिनेत्री बनकर उभरी. अमिताभ की कैमेस्ट्री पर्दे पर भी खूब देखने को मिली. उनकी 9 में से 5 फिल्में सुपरहिट रही. 'मि. नटवरलाल', 'सुहाग', 'गंगा की सौगंध', 'खून पसीना' और 'नमक हराम' जैसी फिल्मों की सफलता के साथ यह जोड़ी सफलता के शिखर पर पहुंच गई. इस जोड़ी की आखिरी फिल्म थी 'सिलसिला'. इस फिल्म की कहानी को रेखा अमिताभ बच्चन की निजी जिंदगी से भी जोड़कर देखा गया. इस फिल्म में जया ने अमिताभ बच्चन की पत्नी का किरदार निभाया था और रेखा ने प्रेमिका का. लेकिन 'कुली' फिल्म के हादसे के बाद दोनों की राहें जुदा हो गई.रेखा की जिंदगी का एक अहम किस्सा मुकेश अग्रवाल से उनकी शादी का भी है. रेखा ने साल 1990 में दिल्ली के कारोबारी मुकेश अग्रवाल से शादी की लेकिन मुकेश ने शादी के 1 साल बाद ही आत्महत्या कर ली. अफवाहें ऐसी भी उड़ी कि रेखा ने साल 1973 में विनोद मेहरा से शादी की थी. लेकिन साल 2004 में सिमी ग्रेवाल के टेलीविजन शो में रेखा ने ऐसी खबरों से इनकार किया और विनोद मेहरा को अपना 'शुभचिंतक' बताया. रेखा मौजूदा समय में मुंबई स्थित बांद्रा में रहती हैं. साल 1980 में आई कॉमेडी फिल्म 'खूबसूरत' में रेखा की कॉमिक टाइम को सराहा गया. इस फिल्म के सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार तो मिला ही, रेखा को भी पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था. साल 1981 में आई फिल्म 'उमराव जान' को रेखा की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक माना जाता है. इस फिल्म के लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. फिल्म 'खून भरी मांग' रेखा की सुपरहिट फिल्मों में शुमार की जाती है. इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गईं. रेखा की चर्चित फिल्मों में धर्मा, कहानी किस्मत की, नमक हराम, धर्मात्मा, खून पसीना, गंगा की सौगंध, मुकद्दर का सिकंदर, खूबसूरत, अगरर तुम ना होते, खून भरी मांग, इजाजत, बीवी हो तो ऐसी, भ्रष्टाचार, फूल बने अंगारे, खिलाडि़यों का खिलाड़ी, आस्था, बुलंदी, जुबैदा, लज्जा, दिल है तुम्हारा, कोई मिल गया और क्रिश.
रेखा ने साल 1966 में एक र्चाल्ड आटिस्ट के तौर पर तेलगू फिल्म ' ' में काम किया था. इसके चार साल बाद हिंदी सिनेमा में उन्होंने फिल्म 'सावन भादो' से डेब्यू किया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी.रेखा को अभिनय के क्षेत्र में आने के लिए अपनी पढाई छोडनी पड़ी. रेखा को अभिनय में रूचि नहीं थी लेकिन परिवार में आर्थिक समस्या होने के कारण उन्हें इस क्षेत्र में आना पड़ा. उनकी पहली फिल्म 'सावन भादो' के हिट होने के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर आने लगे. उन्होंने 'रामपुर का लक्ष्मण', 'कहानी किस्मत की' और 'प्राण जाये पर वचन न जाये' जैसी फिल्मों में काम किया. इन फिल्मों को भी अच्छा रिस्पांस मिला. अमिताभ बच्चन के साथ उनकी पहली फिल्म 'दो अंजाने' को खूब सराहा गया. फिल्म 'घर' उनके करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुई. इसके बाद तो जैसे उनके पास फिल्मों की झड़ी लग गई.फिल्म ‘दो शिकारी‘ के सेट पर रेखा बेहोश हो गईं थी. उन्हें अभिनेता विश्वजीत के साथ एक किसिंग सीन फिल्माना था. रेखा इस सीन के लिए तैयार नहीं थी लेकिन फिल्म की जरूरत कीवजह से उन्हें यह सीन करना पडा. शॉट के बाद रेखा बेहोश हो गई. इस फिल्म के बाद रेखा का नाम विश्वजीत के साथ जोड़ा गया और कहा जाने लगा कि दोनों एकदूसरे के साथ काफी वक्त बिताते हैं. हालांकि हिंदी सिनेमा में रेखा का उदय हो रहा था और ऐसे में वो अपना ध्यान इसी पर केंद्रित करना चाहती थीं कि ऐसे में उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया.रेखा और विनोद मेहरा के संबंधों की भी खूब चर्चा रही. दोनों का मिलना, सार्वजनिक मंच पर एकदूसरे का साथ देना दुनिया को दोनों के बीच कुछ होने का सबूत देता था. विनोद मेहरा और रेखा एकदूसरे के प्यार में इतना डूबे थे कि दोनों को दुनिया जहां की कोई खबर ही नहीं थी. कहा तो यह भी जा रहा था कि दोनों एकदूसरे के साथ शादी करना चाहते थे. लेकिन विनोद मेहरा की मां को बहु के रूप में रेखा पसंद नहीं थी. इसके बाद जब विनोद मेहरा ने अपनी मां से रेखा को मिलवाया तो मां ने विनोद को दोनों में से किसी एक को चुनने को कहा. विनोद मेहरा ने मां को चुना और रेखा अकेली हो गईं.रेखा और अमिताभ बच्चन की नजदीकियों ने भी खुब सुर्खियां बटोरी. अमिताभ रेखा के प्यार में डूबे थे वहीं रेखा ने भी खुद को बदल दिया था. कभी सांवली सी दिखने वाली रेखा एक खूबसूरत सेक्सी अभिनेत्री बनकर उभरी. अमिताभ की कैमेस्ट्री पर्दे पर भी खूब देखने को मिली. उनकी 9 में से 5 फिल्में सुपरहिट रही. 'मि. नटवरलाल', 'सुहाग', 'गंगा की सौगंध', 'खून पसीना' और 'नमक हराम' जैसी फिल्मों की सफलता के साथ यह जोड़ी सफलता के शिखर पर पहुंच गई. इस जोड़ी की आखिरी फिल्म थी 'सिलसिला'. इस फिल्म की कहानी को रेखा अमिताभ बच्चन की निजी जिंदगी से भी जोड़कर देखा गया. इस फिल्म में जया ने अमिताभ बच्चन की पत्नी का किरदार निभाया था और रेखा ने प्रेमिका का. लेकिन 'कुली' फिल्म के हादसे के बाद दोनों की राहें जुदा हो गई.रेखा की जिंदगी का एक अहम किस्सा मुकेश अग्रवाल से उनकी शादी का भी है. रेखा ने साल 1990 में दिल्ली के कारोबारी मुकेश अग्रवाल से शादी की लेकिन मुकेश ने शादी के 1 साल बाद ही आत्महत्या कर ली. अफवाहें ऐसी भी उड़ी कि रेखा ने साल 1973 में विनोद मेहरा से शादी की थी. लेकिन साल 2004 में सिमी ग्रेवाल के टेलीविजन शो में रेखा ने ऐसी खबरों से इनकार किया और विनोद मेहरा को अपना 'शुभचिंतक' बताया. रेखा मौजूदा समय में मुंबई स्थित बांद्रा में रहती हैं. साल 1980 में आई कॉमेडी फिल्म 'खूबसूरत' में रेखा की कॉमिक टाइम को सराहा गया. इस फिल्म के सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार तो मिला ही, रेखा को भी पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था. साल 1981 में आई फिल्म 'उमराव जान' को रेखा की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक माना जाता है. इस फिल्म के लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. फिल्म 'खून भरी मांग' रेखा की सुपरहिट फिल्मों में शुमार की जाती है. इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गईं. रेखा की चर्चित फिल्मों में धर्मा, कहानी किस्मत की, नमक हराम, धर्मात्मा, खून पसीना, गंगा की सौगंध, मुकद्दर का सिकंदर, खूबसूरत, अगरर तुम ना होते, खून भरी मांग, इजाजत, बीवी हो तो ऐसी, भ्रष्टाचार, फूल बने अंगारे, खिलाडि़यों का खिलाड़ी, आस्था, बुलंदी, जुबैदा, लज्जा, दिल है तुम्हारा, कोई मिल गया और क्रिश.
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